- लोग बोले थैंक्यू मित्र पुलिस
वाचस्पति रयाल@नरेन्द्रनगर।
मुनि की रेती पुलिस ने ईमानदारी, संवेदनशीलता और जनसेवा का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए स्मार्टफोन चोरी करने वालों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस टीम ने अलग-अलग राज्यों और जिलों से 25 खोए हुए स्मार्टफोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सकुशल लौटाकर पुलिस–जन विश्वास को और मजबूत किया है।
फोन वापस पाकर नागरिकों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। सभी फोन मालिकों ने मुनि की रेती पुलिस को धन्यवाद देते हुए इसे “मित्र पुलिस” की सच्ची मिसाल बताया।
यह अभियान टिहरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाया गया, जिसमें CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) पर दर्ज खोए मोबाइल फोन की शिकायतों की समीक्षा कर थाना स्तर पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने CIU से समन्वय स्थापित करते हुए तकनीकी ट्रेसिंग के जरिए मोबाइल फोनों की पहचान कर उन्हें बरामद करने का अभियान शुरू किया।
बरामद मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार सहित विभिन्न राज्यों और जिलों से ट्रेस किए गए। अभियान के अंतर्गत कुल 25 कीमती स्मार्टफोन बरामद किए गए, जिनके स्वामियों को सूचित किया गया।
दूसरे राज्यों के तीन शिकायतकर्ताओं को उनके अनुरोध और सुविधा अनुसार मोबाइल फोन उनके पते पर भिजवाए जा रहे हैं, जबकि शेष स्थानीय नागरिकों को थाना बुलाकर सत्यापन के बाद उनके फोन उन्हें सौंप दिए गए।
इन्हीं मामलों में एक भावुक उदाहरण नरेंद्रनगर (टिहरी) निवासी राजेंद्र गुसाईं का भी रहा, जिनका मोबाइल 25 नवंबर 2025 को ऋषिकेश में वाहन से चोरी हो गया था। महीनों बाद फोन वापस मिलने पर उन्होंने पुलिस टीम की खुले दिल से प्रशंसा करते हुए इसे “अविश्वसनीय लेकिन सच्ची खुशी” बताया।
थाना प्रभारी ने कहा कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि नागरिकों की खोई संपत्ति वापस दिलाकर समाज में सुरक्षा और विश्वास का भाव मजबूत किया जा सके।
इस सराहनीय अभियान में पुलिस उप निरीक्षक शैलेंद्र नेगी, अशोक रावत, लक्ष्मी पंत और कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह की विशेष भूमिका रही।
मुनि की रेती पुलिस की यह पहल सिर्फ मोबाइल बरामदगी नहीं, बल्कि ईमानदारी, भरोसे और जनसेवा की जीवंत मिसाल बनकर सामने आई है, जिसने लोगों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास को और गहरा किया है।
