Heavy snowfall in Kedarnath and surrounding Himalayan regions disrupts daily life, halts reconstruction work, and impacts agriculture and travel amid falling temperatures
- केदारनाथ में दो फीट बर्फ, थमे पुनर्निर्माण कार्य; घाटी में बारिश से बढ़ी मुश्किलें
देहरादून। केदारनाथ धाम सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। केदारनाथ मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में करीब दो फीट तक बर्फ जमने से पुनर्निर्माण कार्यों की रफ्तार थम गई है। सफेद चादर में लिपटी केदार घाटी जहां एक ओर मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रही है, वहीं दूसरी ओर यह बर्फबारी स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी के साथ ही निचले इलाकों में झमाझम बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम को और ज्यादा सर्द बना दिया है। तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का असर फिर तेज हो गया है। केदारनाथ, वासुकीताल, नन्दीकुण्ड, मदमहेश्वर, विष्णीताल, पाण्डव सेरा और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्र पूरी तरह बर्फ से ढक गए हैं।
मौसम विभाग के संकेत हैं कि यदि यही स्थिति बनी रही तो तुंगनाथ घाटी, कार्तिक स्वामी, कालीशिला और पवाली कांठा जैसे क्षेत्रों में भी जल्द बर्फबारी शुरू हो सकती है। उधर, केदार घाटी के निचले क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से गांवों के पैदल रास्ते फिसलन भरे हो गए हैं, जिससे आवाजाही प्रभावित हो रही है और ग्रामीणों की दिनचर्या पर असर पड़ा है।
बारिश के कारण जहां प्राकृतिक जल स्रोतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, वहीं बेमौसमी बारिश ने कृषि कार्यों, खासकर धान की बुवाई को प्रभावित किया है। पशुपालकों के सामने चारे का संकट भी गहराने लगा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मौसम के इस बदले मिजाज ने जीवन को कठिन बना दिया है। सीमांत गांवों में लोग घरों में रहने को मजबूर हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। ऐसे हालात में प्रशासन के सामने राहत और व्यवस्थाओं को बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
