Alleged Smuggling Across India-Nepal Border Raises Concerns in Dharchula
- बिना कस्टम विभाग की जांच और रोक-टोक से हो रही गतिविधियां, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
नदीम परवेज@धारचूला। क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर सामान की आवाजाही का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार नेपाल के व्यापारी भारत के रास्ते गुड़, नमक, माचिस सहित अन्य सामग्री को तिब्बत (चीन) तक ले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सीता पुल क्षेत्र से रोजाना टनों के हिसाब से सामग्री नेपाल भेजी जा रही है, जबकि प्रशासन द्वारा केवल दैनिक उपयोग की सीमित वस्तुओं की ही अनुमति दी जाती है। ऐसे में बिना कस्टम जांच और रोक-टोक के हो रही इस गतिविधि ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

धारचूला के वरिष्ठ व्यापारी महेश गर्बियाल ने इस मामले को गंभीर बताते हुए उपजिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने तत्काल इस कथित स्मगलिंग पर रोक लगाने की मांग की है। चौंकाने वाली बात यह है कि उक्त क्षेत्र में एसएसबी की सीमा चौकी मौजूद होने के बावजूद भारी मात्रा में सामान की आवाजाही जारी है। इसे लेकर 11वीं वाहिनी एसएसबी की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन नेपाल के नागरिकों को आवागमन के लिए इनर लाइन परमिट जारी करता है, लेकिन व्यापारिक मात्रा में सामान ले जाने की अनुमति नहीं है। नियमों के बावजूद इस तरह की गतिविधि प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या इस पर प्रभावी रोक लग पाती है या नहीं।
सीमित वस्तुओं के आवागमन की अनुमति
उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि मामले की जानकारी संज्ञान में आई है। संबंधित शिकायत के आधार पर जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर केवल दैनिक उपयोग की सीमित वस्तुओं के आवागमन की अनुमति है, किसी भी प्रकार की व्यावसायिक मात्रा में सामग्री ले जाना नियमों के विरुद्ध है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सीमा पर तैनात एजेंसियों के साथ समन्वय कर निगरानी और सख्त की जाएगी।
