Adi Kailash Yatra 2026 to Begin May 1, Lack of Basic Facilities Raises Concerns
- हर साल लाखों का राजस्व, फिर भी शौचालय-पानी का अभाव—क्या इस बार जागेगा प्रशासन?
नदीम परवेज@धारचूला। सीमांत क्षेत्र में स्थित पवित्र आदि कैलाश यात्रा का शुभारंभ 1 मई से होने जा रहा है। मंदिर के पुजारी गोपाल सिंह कुटियाल (लामा) और स्थानीय धर्मगुरुओं के अनुसार विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कपाट खोले जाएंगे और यात्रा शुरू होगी।
यात्रा को लेकर टूर ऑपरेटर्स, वाहन स्वामी और स्थानीय संस्थाएं पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं। हर साल हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं—पिछले वर्ष यह संख्या 30 हजार से अधिक रही, जबकि इस बार और अधिक यात्रियों के आने की संभावना है। प्रशासन प्रति यात्री 200 रुपये इनर लाइन शुल्क के रूप में राजस्व भी एकत्र करता है।
लेकिन तैयारियों के बीच एक बार फिर बुनियादी सुविधाओं की कमी बड़ा सवाल बनकर खड़ी हो गई है। यात्रा मार्ग पर शौचालयों की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। नया निर्माण अब तक नहीं हुआ है और जो एकमात्र पुराना शौचालय है, वह भी जर्जर हालत में है। पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं भी रास्ते में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे यात्रियों को स्थानीय ग्रामीणों की व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से मरम्मत और सुधार के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई होती रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव नहीं दिखा। यही कारण है कि हर साल लाखों रुपये का राजस्व मिलने के बावजूद स्वच्छता, पानी और आधारभूत ढांचे की स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है।
यात्रा मार्ग पर अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद साफ-सफाई, पेयजल और सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय बना हुआ है।
अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों को उम्मीद है कि इस बार व्यवस्थाओं में सुधार होगा और यात्रा मार्ग पर शौचालय, पानी और सफाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
आदि कैलाश यात्रा आस्था का केंद्र है, लेकिन इसके साथ-साथ व्यवस्थाओं का मजबूत होना भी उतना ही जरूरी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस बार श्रद्धालुओं की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।
