Madkot–Fapa Road in Munsyari in Ruins, 7 Villages Face Serious Risk
- मौत का रास्ता बना मदकोट–फापा रोड: 7 गांवों की सांसें अटकी, प्रशासन खामोश
नदीम परवेज@धारचूला, रा.वि.। सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी के अंतर्गत मदकोट से फापा को जोड़ने वाला प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क मार्ग (Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana) इन दिनों बदहाली की चरम स्थिति में पहुंच चुका है। पिछले वर्ष हुई भारी बरसात के दौरान दोनीधार साना के ऊपर यह मोटर मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय के बाद भी न तो ठेकेदार ने सुध ली और न ही संबंधित विभाग ने कोई ठोस पहल की।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बनी यह सड़क अब “खिलौना सड़क” बनकर रह गई है। जगह-जगह सड़क धंस चुकी है, कई हिस्सों में डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और कुछ स्थानों पर तो सड़क केवल पेड़ों के सहारे टिकी हुई नजर आती है। यह स्थिति न केवल बदहाल विकास कार्यों की पोल खोलती है, बल्कि किसी बड़े हादसे की आशंका भी लगातार बढ़ा रही है।
मदकोट से भैसखाल तक का पूरा मार्ग गंभीर रूप से प्रभावित है, जिससे लगभग 7 ग्राम पंचायतों के हजारों लोगों का जीवन सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को हो रही है, जिन्हें हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर इस खतरनाक मार्ग से गुजरना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान चुलकोट द्वारा मदकोट में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” शिविर में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया गया। जमीनी स्तर पर अब तक कोई मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है।
जिला पंचायत सदस्य भावना दानू और यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम दानू ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्र की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सड़क की मरम्मत नहीं हुई, तो सभी 7 ग्राम सभाओं के लोग मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर समय रहते इस जर्जर सड़क को सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे?
