- ईओ के आश्वासन के बाद व्यापारियों ने ली राहत की सांस
नरेंद्रनगर। पालिका प्रशासन द्वारा नगर में व्यापारियों का वार्षिक लाइसेंस शुल्क 100 से 300% तक बढ़ाये जाने पर, नगर के व्यापारियों में मायूसी छा गई थी।
500 की जगह 15 00 और 2000 तक शुल्क बढ़ाये जाने से व्यापारी सकते में आकर नर्वस हो गए थे। नगर में व्यापार की बेहद मंद स्थिति को देखते हुए, इसका समाधान निकालने को लेकर व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष जितेंद्र चांदपुरी के नेतृत्व में एसडीम आशीष घिल्डियाल से गत दिनों मिला था।
पालिका प्रशासन के अधिशासी अधिकारी एलम सिंह रावत को भी इस बैठक में आमंत्रित किया गया था, जिसमें एसडीएम द्वारा अधिशासी अधिकारी को व्यापार संगठन के साथ उक्त मुद्दे पर वार्ता कर समाधान निकालने को कहा गया था। इसी परिपेक्ष में शनिवार को पालिका के रामलीला मैदान में व्यापारियों और अधिशासी अधिकारी एलम सिंह रावत के बीच व्यापारियों का वार्षिक लाइसेंस शुल्क बढ़ाये जाने के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की गई।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष जितेंद्र चांदपुरी, जिला मंत्री राजेंद्र गुसाईं, शाखा उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा, मोर सिंह रावत व दिनेश कर्णवाल सहित अनेकों व्यापारियों ने नगर में व्यापार की नगण्य और मंद स्थिति के बारे में बताते हुए कहा कि यहां का व्यापार तब से चौपट हुआ है, जब से नरेंद्रनगर- रानी पोखरी रोड व नरेंद्र नगर राजमहल-प्लास्डा नेशनल हाईवे के निर्माण के साथ वर्ष 1979 में यहां से जिला मुख्यालय नई टिहरी अंतरण किया गया था। तभी से नरेंद्रनगर के वीरानगी के दिन शुरू हो गए थे, और आज व्यापारी वर्ग इसका खामियाजा भुगतने को मजबूर हैं।
व्यापारियों का कहना था कि जब उनको वार्षिक लाइसेंस शुल्क में₹300 की वृद्धि तक की भनक लगी तो उनके होश उड़ गए। जिन उक्त कारणों से नगर वीरानगी की ओर अग्रसर हुआ है, इसका शिकार व्यापारी होता जा रहा है।
नगर में चहल-पहल समाप्त है, विद्यालयों के अवकाश दिनों नगर में गिनती के लोग दिखाई देते हैं। बंदरों के झुंड के झुंड नगर में अड्डा जमाये हुए हैं। बंदर दुकान का सामान उड़ाकर ना ले जाएं, इसके लिए दुकानों में रेलिंग लगाने के लिए,व्यापारी मजबूर होते जा रहे हैं। बंदर इतने शातिर हो चुके हैं की थोड़ी सी पीठ पलटने पर वे दुकानों से सामान उड़ा ले जाते हैं।
इन तमाम परिस्थितियों को देखते हुए नगर में व्यापार की मंद गति साफ नजर आ रही है। तमाम पहलुओं पर अधिशासी अधिकारी और व्यापारियों के बीच वार्ताओं का दौर जारी रहा।
व्यापारिक संगठन ने प्रस्ताव पारित करते हुए नगर में मंद व्यापार की स्थिति पर ठोस प्रस्ताव पारित करते हुए पालिका प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि नगर की मंद व्यापारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, व्यापारियों का वार्षिक लाइसेंस शुल्क पूर्व की भांति यथावत रखा जाए।
व्यापारियों की सभी समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी एलम सिंह रावत ने उक्त प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन व्यापारियों को दिया।
अधिशासी अधिकारी द्वारा व्यापारियों की समस्याओं को सुनने और समाधान निकालने के आश्वासन का व्यापारियों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।
अधिशासी अधिकारी द्वारा व्यापारियों को दिए गए आश्वास का व्यापार संगठन के अध्यक्ष जितेंद्र चांदपुरी ने स्वागत करते हुए व्यापारियों की ओर से उनका आभार जताया।
बैठक में अध्यक्ष जितेंद्र चांदपुरी, जिला मंत्री राजेंद्र गुसाईं, शाखा उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा, जयपाल सिंह नेगी, मोरसिंह रावत, अशोक बजाज, सरिता पुंडीर, जसपाल गुप्ता,जग मोहन पुंडीर, धीरेंद्र, दिनेश कर्णवाल,उत्तम रावत, अरविंद व महेंद्र आदि मौजूद थे।
